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1.स्‍मार्ट टोकन के लिए नियमें

1.1टोकन एकल यात्रा के लिए है। वापसी यात्रा टोकन का कोई प्रावधान नहीं है।

1.2यात्रा पूरा होने के बाद टोकन को निकासी गेट पर जमा कर लिया जाता है।

1.3किसी भी परिस्‍थिति में खोए हुए टोकन को बदला नहीं जा सकता है।

2.स्‍मार्ट कार्ड के लिए नियम

2.1पहली बार उपयोग करनेवाले प्रयोक्‍ता को 100/200/300/500 एवं 1000 रुपये (60/-रु. के सुरक्षा जमा सहित) का भुगतान कर स्‍मार्ट कार्ड खरीदना होगा और उसके बाद 100/200/300/500 एवं 1000 रुपये के किसी भी मूल्‍य राशि का रिचार्ज करना होगा जिसमें अधिकतम कार्ड शेष राशि 5000/- रुपये तक होगी। नए स्‍मार्ट कार्ड (सुरक्षा जमा राशि घटाकर) जारी करने तथा पुन: स्‍मार्ट कार्ड को रिचार्ज करने पर 10% के समान दर से बोनस दिया जाएगा। इस प्रकार के कार्ड की वैधता खरीद की तिथि अथवा वर्धित मूल्‍य (एड वैल्‍यू) की तिथि से एक वर्ष के लिए होगा।

2.2किसी भी यात्री को केवल प्रवेश द्वारा से ही प्रवेश करने की अनुमति होगी जिसके लिए कार्ड में 25/- रु. की न्‍यूनतम शेष राशि (अधिकतम देय किराया) होनी आवश्‍यक है।

2.3जब कोई यात्री उचित प्रकार से कार्ड की प्रविष्‍टि किए बिना ही बाहर निकलने का प्रयास करता है तो उसे बिना टिकट यात्रा करते हुए नहीं माना जाएगा। इस प्रकार के असंतुलन (मिसमैच) के लिए जुर्माने के तौर पर स्‍मार्ट कार्ड से 25/- रु. काट ली जाएगी।

2.4यदि कोई प्रयोक्‍ता अपने स्‍मार्ट कार्ड को निकासी द्वार पर स्‍पर्श नहीं कराता है और अनुचित तरीके से बाहर निकल जाता है तो कार्ड लॉक हो जाता है। जब कार्ड को खुलवाने के लिए अगली बार इसे टिकट काउंटर पर प्रस्‍तुत किया जाता है तो स्‍मार्ट कार्ड से अधिकतम देय किराया 25/- रु. काट लिया जाता है।

2.5किसी भी परिस्‍थिति में खोए हुए कार्ड को बदला नहीं जा सकता है।

3.साथ ले जाने हेतु अनुमेय वस्‍तुएं -10 किलोग्राम से अधिक वजनदार एवं आकार में बड़े न हों।

मेट्रो रेलवे में यात्रा के दौरान कोई भी व्‍यक्‍ति व्‍यक्‍तिगत प्रयोग की वस्‍तुएं जैसे टिफिन बास्‍केट, छोटे हैंड बैग या अटैची केश, छाता या चलने की छड़ी आदि ले जा सकता है जिनके द्वारा किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बाधा या अन्‍य यात्रियों के लिए असुविधा उत्‍पन्‍न की संभावना न हो।

4.स्‍तुएं जिन्‍हें साथ ले जाने की अनुमति नहीं है

कोई भी व्‍यक्‍ति अपने साथ नहीं ले जाएगा

4.1घातक वस्‍तुएं जैसे कि गीले चमड़े, चर्म, मृत पॉल्‍ट्री एवं गाड़ा रक्‍त (गोर) आदि

4.2खतरनाक वस्‍तुएं जैसे कि किसी भी प्रकार के पटाखे, ज्वलनशील पदार्थ यथा तेल, ग्रीज, घी, पेंट, किसी भी प्रकार की सूखी घास एवं पत्‍तियां, रद्दी कागज, एसीड एवं अन्‍य संक्षारक पदार्थ; या

4.3मृत शरीर।

5.अपराध एवं दंड

5.1कोई भी व्‍यक्‍ति जिसे नियम 4 का उल्‍लंघन करते हुए घातक या विस्‍फोटक या खतरनाक वस्‍तुओं का वहन करने का दोषी पाया जाता है उसपर कलकत्‍तामेट्रो रेलवे (परिचालन एवं अनुरक्षण) (अस्‍थायी प्रावधान), अधिनियम, 1985 के धारा 8 के अधीन कार्रवाई किया जा सकता है।

5.2उप नियमों में निहित किसी भी अपराध के लिए जुर्माने के साथ दंड भी दिया जा सकता है जो घातक वस्‍तुओं के वहन के लिए पांच सौ रुपये तक हो सकता है तथा खतरनाक वस्‍तुओं के वहन के लिए पांच हजार तक का जुर्माना एवं चार वर्ष की कारावास भी हो सकती है। मेट्रो रेलवे में इस प्रकार की वस्‍तुओं के वहन के कारण होनेवाले किसी भी प्रकार की हानि, चोट या क्षति के लिए भी दोषी व्‍यक्‍ति जिम्‍मेवार होगा।




Source : मेट्रो रेलवे कोलकता / भारतीय रेल का पोर्टल CMS Team Last Reviewed on: 26-06-2018